
बोले-रूटीन प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़कर जनता में भ्रम फैलाया जा रहा, सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं
Kpn24.com रायपुर 30 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा बयान देते हुए निजीकरण की किसी भी मंशा से साफ इनकार किया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम और गलतफहमी फैलाने का आरोप लगाया है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिजली के निजीकरण को लेकर जिस सुनवाई को कांग्रेस द्वारा मुद्दा बनाया जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे बिजली के निजीकरण से जोड़कर देखना पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी रूटीन प्रक्रिया का यह अर्थ कतई नहीं है कि राज्य सरकार बिजली व्यवस्था का निजीकरण करने जा रही है।
कांग्रेस पर दुष्प्रचार का आरोप
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भी जनता को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को इस तरह के भ्रामक प्रचार से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार की निजीकरण की कोई मंशा नहीं
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया और निजीकरण के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि दोनों को एक-दूसरे से जोड़ना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने जैसा है।
बिजली के निजीकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री के इस बयान से सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है।










