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एचटीपीएस कॉलोनी में गूंजा भोजली का उल्लास, छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा पूरा परिसर

भोजली पर्व पर उमड़ा जनसैलाब, पूजा-अर्चना के बाद सरोवर में किया गया विसर्जन; स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

Kpn24.com कोरबा 31 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा भोजली पर्व हसदेव ताप विद्युत गृह (एचटीपीएस), कोरबा पश्चिम के कॉलोनी परिसर में पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। भोजली पर्व को लेकर कॉलोनीवासियों में खासा उत्साह नजर आया और पूरा परिसर छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा दिखाई दिया।

कार्यक्रम में संकल्प महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रुक्मणी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि उपाध्यक्ष श्रीमती विजया शाह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पूजा-अर्चना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
हसदेव खेल परिसर में कॉलोनीवासियों द्वारा भोजली माता को विधिवत लाया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती रुक्मणी सिंह ने भोजली माता की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी मौजूद रहे और श्रद्धा एवं उत्साह के साथ भोजली पर्व में सहभागिता निभाई।
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने शानदार छत्तीसगढ़ी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने न केवल कार्यक्रम में रंग भरा, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक भी प्रस्तुत की।
इसके बाद भक्तिमय वातावरण के बीच “देवी गंगा, देवी गंगा, लहर तुरंगा-लहर तुरंगा” गीत के साथ भोजली माता की शोभायात्रा कैलाश विहार स्थित सरोवर तक पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ भोजली माता का विसर्जन किया गया।
समिति के सदस्यों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
भोजली पर्व का आयोजन भोजली उत्सव समिति, एचटीपीएस दर्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका संध्या कश्यप एवं कविता ने निभाई।
आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक वासुदेव सिंह भगत, संयोजक बलराम यादव, सह-संयोजक संतोष सोनी एवं एस. विश्वकर्मा, समिति अध्यक्ष शांति देवी राठौर, उपाध्यक्ष के.के. गौतम एवं बाबूलाल चंद्रा, सचिव दुखूराम साहू तथा उपसचिव के.के. सिंह सहित समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन पंचम लाल राठौर एवं अरुण दास वैष्णव ने किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, उल्लास और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

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Author: Kpn 24

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