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कोल डिपो में नियमों की अनदेखी! कलेक्टर ने शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स को थमाया नोटिस

1.503 हेक्टेयर की अनुमति, 1.948 हेक्टेयर में संचालन का आरोप; सुरक्षा इंतजाम से लेकर अभिलेखों तक मिलीं कई अनियमितताएं

Kpn24.com जांजगीर-चांपा 31 अगस्त 2026

जांजगीर-चांपा जिले में खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर स्थित मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के कोल डिपो में जांच के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

फर्म को नोटिस में उल्लेखित बिंदुओं पर 15 दिवस के भीतर कार्यालय कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुमति 1.503 हेक्टेयर की, संचालन 1.948 हेक्टेयर में!
जारी नोटिस के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद में 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में एक समय में 80 हजार मीट्रिक टन खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण की अनुज्ञप्ति फर्म को प्रदान की गई है। यह अनुज्ञप्ति 26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030 तक प्रभावी है।
लेकिन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन में फर्म द्वारा 1.948 हेक्टेयर यानी करीब 4.80 एकड़ क्षेत्र में कोल डिपो संचालित किए जाने की बात सामने आई है। यानी स्वीकृत क्षेत्र से अधिक भूमि पर संचालन किए जाने को प्रशासन ने अनुज्ञप्ति की शर्तों और अनुबंध विलेख का उल्लंघन माना है।
न फेंसिंग, न जरूरी अभिलेख… जांच में कई खामियां
खनि निरीक्षक की मौके पर जांच, राजस्व विभाग तथा नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन और कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण में कई कमियां सामने आईं।
जांच के अनुसार स्वीकृत अस्थायी भंडारण क्षेत्र को तार फेंसिंग अथवा ईंट की दीवार से घेरा नहीं गया था। इसे छत्तीसगढ़ खनिज नियम, 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।
वहीं कोल डिपो में कोयले की प्राप्ति, अन्यत्र भेजे गए खनिज अथवा उसके उत्पादों की मात्रा और आवश्यक विवरण निर्धारित प्रारूप अथवा रजिस्टर में संधारित नहीं पाए गए। जांच के दौरान मांगे जाने पर आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
मासिक विवरणी भी नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्म द्वारा अस्थायी भंडारण क्षेत्र से संबंधित मासिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की जा रही थी।
जांच के दौरान कोल भंडारण क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन यंत्र और मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा किट की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं मिली। प्रशासन ने इसे निर्धारित नियमों का उल्लंघन माना है।
पर्यावरणीय नियमों पर भी उठे सवाल
जांच में अनुज्ञा क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण नहीं पाए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा प्रदूषित पानी का उचित उपचार किए बिना उसे नाले में प्रवाहित किए जाने का मामला भी जांच में सामने आया है।
विकास अनुमति के बिना निर्माण और कोल भंडारण का आरोप
नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद के कई खसरा नंबर जांजगीर विकास योजना के अंतर्गत शामिल हैं। नोटिस के अनुसार संबंधित भूमि पर विकास अनुज्ञा के लिए आवेदन प्रस्तुत किए बिना निर्माण कर व्यावसायिक कोल भंडारण का संचालन किया जाना पाया गया।
इस मामले में भूमि विकास अथवा अवैध निर्माण हटाने और भूमि को पूर्व स्थिति में लाने के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
रेलवे ने भी दस्तावेजों पर जताई आपत्ति
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से प्राप्त पत्र में भी कोल डिपो संचालन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। रेलवे के अनुसार प्रस्तुत दस्तावेजों में रेलवे अंडरब्रिज को उचित रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया तथा गलत अथवा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के संबंध में भी आपत्ति दर्ज की गई है।
15 दिन में जवाब नहीं तो होगी एकपक्षीय कार्रवाई
कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में फर्म को सभी आरोपों और नियमों के उल्लंघन पर 15 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थिति में होने वाली कार्रवाई की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होगी।

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Author: Kpn 24

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